बापू ,सुभाष और मसखरे का इकतारा


नई –नई बातें सामने आ रही हैं l  बड़े मुहँ से बड़ी -बड़ी  बातें प्रकट हो रही है l  इतिहास पुरुषों को मोहल्ला स्तर का शोहदा साबित करने की होड़ मची है l चाँद की ओर मुहँ करके कुल्ले किये जा रहे हैं l बयानों की उलटबांसी के जरिये मीडिया को टीआरपी बढ़ाने वाला सामान परोसा जा रहा है l अभिव्यक्ति की आज़ादी का नया मुहावरा गढा जा रहा है l बड़े ओहदे पर रह चुके लोग अपने अतीत की ऊँची दुकान पर फीके पकवान मौलिकता के रैपर में बेच रहे हैं l यह मसखरों के लिए इकतारा  बजाने के लिए मनोवांछित समय है  l
दस प्रतिशत स्वयंभू अक्लमंद नब्बे प्रतिशत मूर्खों  को बता रहे हैं कि बापू ईस्ट इण्डिया कम्पनी के सेल्स एजेंट थे और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस  जापानी माल के थोक विक्रेता l बापू मोटी पगार के लिए सदा अंग्रेजी सरकार की चाकरी करते रहे और नेताजी जापानी आकाओं से टू –इन-वन टाईप के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मुफ्त में पाने के लिए अपने मुल्क से गद्दारी l उन्होंने बताया है कि मार्डन हिस्ट्री में इन लोगों के बारे में दर्ज अधिकांश इबारतें झूठ का पुलिंदा है l वह सच्चे इतिहासबोध के  सोल प्रोप्राइटर है l वह हमारे समय के मेधावी  गालबहादुर हैं l वह कुछ भी कह सकते हैं l वह राखी सांवत से लेकर कैटरीना कैफ और मीका से लेकर योयो हनीसिंह तक किसी को भी मुल्क का राष्ट्रपति नामित कर सकते हैं l वह किसी को भी डाट पिला कर देशनिकाला दे सकते हैं l
फ़िलहाल उनका सारा ध्यान सुनामधन्य आइकनों को धूल चटा उनकी जगह  कार्टून कैरेक्टरों के स्टिकर चिपकाने  पर केंद्रित है l इस गुरुतर कारगुजारी के लिए उन्होंने अपना तम्बू अपने ब्लॉग की राजधानी में गाड़ दिया है l वह वहां बैठ कर  मुल्क के अजात शत्रुओं को चुन चुन कर नेस्तनाबूद करने में लगे हैं l बापू और नेताजी के बाद संभवतः उनके निशाने पर भगत सिंह ,आजाद ,बिस्मिल ,अशफाक जैसे ‘आतंकवादी” होंगे ,जिन्होंने मुल्क की आज़ादी के लिए नहीं सिर्फ अपनी पापुलरिटी के लिए पूरी दुनिया में शांतिप्रिय देश की छवि को कलंकित किया l वह यह भी पता करने में लगे हैं  कि स्वतंत्रता संग्राम के ये रणबांकुरे किस फायर आर्म्स निर्माता कम्पनी के ब्रांड एम्बेसडर  थे l

नामवर  मुखारबिंद से निकले  ऐसे  ही बयान शोभायमान  होते  हैं l

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