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April, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मोबाइल का पैनिक बटन और पैनिकता की फ़िक्र

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अब मोबाइल में पैनिक बटन होगा।इस खबर ने बहुत से लोगों के भीतर अदृश्य भय के साथ  नवउत्साह का संचार कर दिया है।पैनिक का हिंदी समानार्थी  त्रास  अमूमन हर बौद्धिक के भीतर कमोबेश संत्रास की शक्ल में मौजूद रहता ही है।यदि इसका मतलब आतंक माना जाए तो पैनिक  यकीनन बड़ी  डिप्लोमेटिक व्यंजना है।कुटिलता से भरीपूरी।पैनिक  की थाह पाने के लिए यदि इसके भावार्थ में गहरे उतरें तो एक अजब हलचल शब्दकोश में यहाँ वहां टहलती दिख जायेगी।लेकिन पैनिक  होने के लिए कोई एक  लफ्ज़  पर्याप्त नहीं है। पैनिक  बोले तो वो पैनिक  जिसके लिए बटन की जरूरत महसूस हो।बटन भी ऐसा जिसे वक्त-जरूरत झट से दबा कर उसे आलोकित किया  जा सके।बटन दबते ही अपना काम करे।ईवीएम वाला नोटा जैसा बटन न हो,जिसके दबाने या न  दबाने से कोई फर्क ही न पड़ता हो। रेलगाड़ी और बस में रखी उस कम्प्लेंट बुक जैसा भी नहीं जिसकी जब आवश्यकता पड़े तो पता लगे कि वह तो कभी अस्तित्व में आई ही नहीं थी।छाते में लगे उस जंग लगे बटन जैसा न हो ,जिसे बारिश होने पर  दबाते रह जाएँ और वह तब खुले जब काले मेघ पानी बरसा  अगले मोहल्ले की ओर बढ़ लें। वैसे पैनिक  भी कई आकार,प्रकार और प्रजाति …

गुड़गाँव, गुरुग्राम और गुलगुले

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गुड़गांव का नाम गुरुग्राम हो गया।गुड़ गुरु बन गया।तमाम शक्करखोर इस बात पर पूर्ण स्वाद भाव के साथ नाराज़ हैं।घंटाल इसे लेकर बेहद उत्तेजित हैं।वैसे टेक्निकली देखा जाए तो गुड़ के गुरु हो जाने में कुछ भी दुरूह नहीं।इसे बोलने में न जुबान अटकती है,न किसी की आस्था का कोई बिंदु फ़िसलता है और न ही महाभारत का युद्ध पुन: छिड़ जाने का कोई आसन्न खतरा उत्पन्न होता है।द्रोणाचार्य ने जब कभी एकलव्य से अंगूठा माँगा होगा तो मांग लिया होगा।अब कोई गुरु ऐसी आलतू -फालतू चीज न तो मांगता है और न ही शिष्य देता है।अलबत्ता जिसे मौका मिलता है वह अंगूठा दिखा देता है।और तो और सबसे बड़ी बात यह कि जब गुड़ न होगा तो लोग क्या  खाकर स्वादिष्ट गुलगुलों से परहेज जैसे फालतू काम करने में अपने समय और ऊर्जा का अपव्यय करते हैं।नाम में ग्राम की फीलिंग होगी तब घरघुसरे टाइप के लोग वृथा ही गॉंव घर को लेकर भावुक भी नहीं होगे।वैसे भी ग्राम हर हाल में गाँव से बेहतर होता है जैसे मक्का के दाने  ‘फुल्ले’ से पॉपकार्न बनकर महिमामंडित होते हैं ठीक उसी तरह।जैसे फटी पुरानी घिसी हुई पतलून फेडिड जीन्स फैशन के रूप में अपनी  पहचान बना लेती हैं। पहचान पु…

खेल जैसा खेल न हुआ

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खेल खेल ही होता है।इसमें एक जीतता तो दूसरा हार जाता है।चुपचाप बैठ कर निरपेक्ष भाव से खेल को सिर्फ निहारने अधिक स्वास्थ्यवर्धक कुछ हो ही नहीं सकता।न दिल जोर -जोर से धडकता है और न मुट्ठियाँ बाँधने या दांत भींचने की जरूरत पड़ती है। कमजोर दिल वालों के लिए हार्ट अटेक का खतरा भी उत्पन्न नहीं होता।देह की शिराओं में रक्त प्रवाह नॉर्मल बना रहता है। और तो और जयकारे लगाने में ऊर्जा का अपव्यय भी नहीं होता।दर्शक जब तक तटस्थ दृष्टा बने रहते हैं तब तक वाकई वे एकदम भद्र पुरुष लगते हैं और खेल एकदम जेंटिलमैन टाइप का स्पोर्ट।कोई जीते,कोई पराजित हो –इससे हमें क्या टाइप का चिंतन उपजता है। दो टीम के खिलाडियों के खेल कौशल के मध्य जब मुल्क ,जज्बात,राजनीति और बाज़ार आ जाते हैं तब खेल खेल न रह कर छायायुद्ध बन जाता है।यह अलग बात है कि कुछ लोग इसे  देशप्रेम की डिफॉल्ट अभिव्यक्ति कहते और मान कर चलते हैं।यह सबको पता है कि जंग ,मोहब्बत और क्रीड़ापूर्ण हुडदंग में हर बात और वारदात  जायज़ होती है।चीखना चिल्लाना, गाली गलौच, उछलना -कूदना ,हथेली पीटना ,पटाखे फोड़ना आदि भी इसका अपरिहार्य हिस्सा होता है।वैसे कहा और माना तो  यही…

पनामा पेपर्स का लीक हो जाना

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पनामा पेपर्स के लीक हो जाने की बड़ी खबर आई है।एक वक्त था जब लोगों के जेब में टंगे पैन स्याही छोड़ देते थे।तब जेब के दायें –बाएं अमूर्त कलाकृति बन जाती थी।कहा जाता है कि दुनिया की अनेक कलाकृतियाँ इसी तरह के लीकेज के दुर्लभ संयोग से अस्तित्व में आयीं।लेकिन अब मामला कलम के नहीं पेपर  के लीक होने का है इसलिए मसला जरा जटिल है।यह तो सुना था कि पेपर पर दर्ज इबारतें चुगलखोर होती थीं पर पेपर तो अपने आप बेहद निरीह  माने जाते रहे हैं।पेपर फडफडाते तो सुने गये थे लेकिन उनकी वाचालता की कोई बात कभी नहीं उठी। पनामा में जो पेपर लीक हुए हैं ,वे साधारण पेपर नहीं हैं।उन पर दर्ज नाम कद्दावर हैं।महानायक,अप्रतिम सुंदरी से लेकर अपने तमाम ताकतवर थैलीशाहों और  तानाशाहों से लेकर तमाम  गॉडफादर टाइप तक के नाम इसमें  हैं।इन उज्ज्वल नामों के आगे  स्वर्णिम राशियां लिखी है,जगमग करती। सवा अरब के देश में से सिर्फ पांच सौ नाम इसमें हैं।इस बात पर चाहे तो मुल्क की जनता कम से कम एक दशक तक रह-रह कर शर्मिंदा टाइप की  हो सकती हैं। आम आदमी पनामा के बारे में ज्यादा से ज्यादा यह जानता है कि इस नाम का एक हैट हुआ करता है।वह हैट जिसे …