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February, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आप और दूर की कौड़ी

दिल्ली में आप ने झाड़ू पछाड के जरिये सबको चारों खाने चित्त कर दिया । अब वह इस स्थिति में है कि चित्त भी उसकी और पट भी उसकी ।  चारों ओर जयजयकार हो रही है । जीतने वाले तो जीतने वाले  ,पटखनी खाने वाले भी इस जैकारे में शामिल हैं । परस्पर विरोधी लोग एक दूसरे से गलबहियां करते कह रहे हैं –मुबारक हो जी । जी सर जी ,दिली मुबारकबाद । मफलर ने कीमती सूट को हरा दिया । सादगी गरिमामय हुई । आम आदमी की जीत गई ।  राजनीतिक दांवपेच हार गए । कोई दीवाना पुरजोर आवाज़ में गा  रहा है कि बड़बोलापन हार गया । जानकार लोग  उलझन में  हैं । वे समझ नहीं पा रहे कि इस जंग में वाम विचार की फतह हुई या दक्षिण पंथ की या फिर मध्य मार्ग की फतह हुई । उनकी बौद्धिकता की साख दांव पर लगी है । एक बात तय है कि जीत तो हुई है और वह भी एकतरफा हुई है । इस कदर हुई है कि हारने वाले ढूंढे नहीं मिल रहे । हराने वाले अंगूठों को टिली लिली झर्र करने के लिए उपयुक्त लक्ष्य नहीं मिल रहे । तरकश में रखे व्यंग्य बाण निठल्ले बैठे  कसमसा रहे हैं । आत्मचिंतन वाले दिनन के फेर को निहारते हुए मुहँ सिले उदास बैठे हैं । उनके लिए दिल्ली एक बार फिर दूर रह गई है ।…

झाड़ू फिर गई

बापू ने कहा था कि अपनी गलती को तहेदिल से स्वीकार कर लेना झाड़ू लगाने के सामान है, जिससे सतह साफ़ और चमकदार हो जाती है ।हालाँकि आजकल बापू की सुनता कौन है लेकिन उनकी कही बातें न चाहते हुए भी अकसर याद हो आती हैं ।दिल्ली में बहुत से लोगों की उम्मीद पर इस अंदाज़ में झाड़ू फिरी कि राजधानी एकदम क्लीन हो गई और तमाम छंटे हुए रणनीतिकार इस तरह ‘क्लीनबोल्ड’ हुए मानो वर्ड कप  के प्रेक्टिस मैच में बनाना रिपब्लिक ने  फाइव स्टार खिलाडियों से युक्त टीम इण्डिया को हरा दिया हो । बापू का कहा माना होता तो ये दिन न देखना पड़ता। अपनी मूर्खताओं का पता करके समय रहते उन्हें बुहार दिया होता तो इस तरह दूसरों से झाड़ू लगवाने की नौबत ही क्यों आती। जो अपना घर खुद स्वच्छ रखते हैं उनके घरों में परायी झाड़ू से सफाई करने की कोई जुर्रत नहीं करता। अब झाड़ू जादुई कालीन बन चुकी है । इस पर पसर कर लोग सत्ता के सातवें आसमान तक पहुंचा गए हैं । वह अलादीन का वह करामाती चिराग बन गई है ,जिसे जमीन पर घिस कर फर्माबरदार जिन्न को बुलाया जा सकता है ,कभी भी कहीं भी ।झाड़ू अब खुल जा सिम -सिम वाला कोडवर्ड बन गई है ,जिससे खजाने से भरी गुफा का दरवाजा …

जीरो ऑवर में अटकी दिल्ली

दिल्ली में आजकल जीरो ऑवर चल रहा है। वोटिंग हो चुकी है। नतीजे लगभग आ गए हैं लेकिन ऑफिशियली प्रकट नहीं हुए हैं। सरकारी काम तुरत -फुरत होते भी नहीं। वे जब होते हैं पूरे विधि विधान के साथ होते हैं। बड़ी नज़ाकत के साथ हौले हौले। जैसे दुल्हन विवाह मंडप की ओर दुल्हे के गले में वरमाला डालने चले ,बिल्ली की तरह दबे पाँव। नेपथ्य में गीत बजे –बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है।
वेलेंटाइन –डे सिर पर आ खड़ा है। मुल्क भर के महबूबा और महबूब टाइप लोग ओवरबिजी होने की फ़िराक में हैं। लेकिन जीरो ऑवर है कि बीत ही नहीं रहा ।वह खिंचता चला जा रहा है ।इंतज़ार खत्म नहीं हो रहा। दुल्हन है। वरमाला है। दुल्हे की संकोचवश सिकुड़ी हुई गर्दन है। उम्मीद है। आशंका है। हवन कुंड है। लकड़ी है। पान का पत्ता है। दूब घास है। सुपारी है। कपूर है ।हवन सामग्री है ।अग्नि के चारों ओर परंपरागत चक्कर लगवाने का फूलप्रूफ इंतजाम है। पंडित जी हैं। मुहुर्त निकल जाने की बैचैनी है। मीडिया है पल पल की कवरेज के लिए चाक चौबंद। उनके स्टेंड पर टंगे कैमरे हैं। बाइट्स के लिए उत्सुक परेशान आत्माएं हैं। ब्रेकिंग न्यूज़ हवा में है। उसे लपकने वाली हथेलियों मे…

हैंगर पर टंगा एंगर

असहमति दर्शाने के लिए आग़बबूला होने का चलन बढ़ता जा रहा हैl जिसे देखो वही किसी न किसी बात पर मुहँ फुलाए घूम रहा हैl अनेक  मुहँ गैस के गुब्बारे बनकर आसमान छूने को आतुर हैं l कुछ लोग तो मुहँ अँधेरे ही किसी न किसी बात पर सरकार पर गुस्साते  हुए उसकी घेराबंदी करते हुए मिल जाते हैंl यदि ठंड अधिक हुई  तो मार्निंग वॉकर क्रोधित हो जाते हैंlब्रेड फफूंद लगी मिल गई तो ब्रेकफास्ट करने पर उतारू लोग कुपितl बच्चे की स्कूल बस देर से आई तो पेरेंट आपे से बाहरl नहाते समय गीजर से गर्म पानी आना बंद हो गया तो स्नानधर्मी नाराज़l किसी वजह से मुर्गा सुबह तय समय पर बांग देना और मुर्गी अंडा देने से चूक गई तो देर तक सोते रह जाने वाले  और आमलेटप्रेमी दोनों दुखीl और तो और आलू की कीमत घट गई तो लाल टमाटर ,अदरक और हरा धनिया  भाव खाने लगता है lमटर महंगी हुई तो मटर पनीर की रेसिपी को मूर्तरूप देने वाला खानसामा रूठ जाता है l अब देखिए न ,उन्होंने  जरा कीमती परिधान क्या  धारण किए सादगी पसन्द लोगों की पूरी जमात अपनी- अपनी कमीजों में गांठ बांध कर एग्री यंगमैन में कन्वर्ट हो गईl विदेशी मेहमान ने उत्साह में भर कर जय हिंद की जगह जय…