काला धन और काला छाता ,,,,,


मेरे पास काला धन नहीं है और इसकी वजह मेरा नैतिकतावादी होना कतई नहीं है lमेरे पास काला छाता भी नहीं है क्योंकि मैं कभी कभार बारिश द्वारा भिगो दिए जाने को लेकर  कभी खौफज़दा नहीं रहा lहालंकि मुझे यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि काला धन और छाते का होना  खुद को बाज़ार के अनुरूप बनाने के लिए कितना जरूरी होता है lजिनके पास काला धन होता है या होने की अफवाह होती है उनका सोशल स्टेट्स बड़ा दर्शनीय होता है lजनता धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए चंदा आदि प्राप्त करने के लिए ऐसे ही लोगों के दरबार में हाजिरी लगाते हैं l लोग इनको धनपशु भी कहते हैं और इनकी चरण वन्दना भी करते हैं lहम जिनसे नफ़रत करते हैं उनसे ही  सबसे ज्यादा प्यार भी तो करते हैं  l ये काला धन ही वास्तव में आदमी में दमक पैदा करता  है l
सरकार पर काले धन को लेकर विपक्षी जो दवाब बना रहे हैं उससे यह बात एकदम साफ़ हो चली है कि अब संतोष धन के मुकाबले काला धन अधिक कल्याणकारी  है lइसकी  गंध आते ही भाईलोगों की राल टपकने लगती है lयह बात सबको पता है कि यदि यह काला धन  प्रकट हुआ तो किसी न किसी की जेब में अवस्थित भी होगा ही lसामान्य विज्ञान का सिद्धांत है कि जब किसी का कुछ खोता है तभी दूसरे को मिलता है lद्रव्य अविनाशी होता है उसका रूप बदलता है ,मिकदार नहीं l
काले धन के मुद्दे पर हंगामा बरपा  करने वाले  कुछ नेता सदन में काले छाते को लेकर हाज़िर हुए lउन्हें यकीन है कि यहाँ वहां से काला धन जब आएगा तो वे उसे अपने छाते में भर लेंगे lनेताओं के लिए छाता पुराने ज़माने की ‘मास्टरजी’ वाला छाता है  ,यदि बारिश न हो l  तो उसे झोला बना कर उसमें हाट से सब्जी भर लो lकिसी गली का कटखना कुत्ता यदि पीछे पड़ जाये तो उसकी छड़ी बना कर उसे दुत्कार लो lवैसे छाते की आड़ में वक्त जरूरत मुहँ भी छिपाया जा सकता है lराजनीति में दुम दबाकर भागने या मुहँ छिपाने की नौबत कब आ जाये कोई नहीं जानता lयह तो वक्त ही ऐसा है जब व्हिसिल ब्लोअर जी के अपने मुहँ में ही सीटी फंसकर जानलेवा बन सकती है l
कालेधन की महिमा अपरम्पार है lउसका होना एक अदद बेवफ़ा प्रेमिका का होने जैसा है lइसकी वजह से ही जिंदगी में रोमांच आता है lधनधारी के चेहरे पर गर्व और लाज के गुलाब खिलते हैं lजीवन में  छुपाने लायक चीजों का संग्रह होता है lविदेशी बैंकों की लोकेशन और कार्य प्रणाली का पता चलता है lचमचमाता हुआ कोड वर्ड से युक्त पहचान पत्र मिलता है lविदेशी पत्रिकाओं में धनवान लोगों की विश्वव्यापी सूची में नाम प्रकाशित होने की आस जगती है l
काले धन के खिलाफ काले छाते ने मोर्चा संभाल कर बता दिया है कि काले कारनामे करने वाले लोग अब निहत्थे नहीं हैं lइनके पास मुहँ में तल्ख जुबान और छाते का हथियार है  lझाड़ू के बाद छाते का राजनीतिक पटल पर अवतरित होना इस बात का सुबूत है कि विचारों की जंग को इन साधारण से दिखने वाले उपकरणों से भी लड़ा जा सकता है  l
कालेधन के खिलाफ यह लड़ाई लम्बी चलेगी lआने वाले समय में इससे भिड़ने के लिए नए प्रतीकचिन्ह  सामने आयेंगे l इस काम के लिए पेचकस ,कैंची ,सुम्मी ,रापी ,शिकंजा आदि बेहतरीन विकल्प हो सकते है l


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