अतिथि के इंतज़ार में




मेहमानजी आ रहे हैं lघरभर में मानो इस खबर के आते ही खलबली –सी मच गई है l हरदम हुड़दंग करते रहने वाले चूहों और तिलचट्टो को घर से बाहर खदेड़ने की कार्ययोजना तैयार हो गई है l उसे अमली जामा पहनाया जाना है l बच्चों को अभिजात्य प्रदर्शन के गुर सिखाए जा रहे हैं l फारेन वाले मामाजी आ रहे हैं l कोई हंसी ठट्ठा है क्या ? उनके आने की खबर के साथ अजब सनसनी और रोमांच पसर गया है l यह खबर किसी काले कौए की कांव –कांव के जरिये फैली आधी -अधूरी सूचना नहीं है l
मेहमानजी के स्वागत के लिए तैयारी पूरे जोरशोर से चल रही है lमैडम जी उनके सामने परोसने लायक व्यंजन की लम्बी चौड़ी फेहरिस्त तैयार करने के बाद उसे शार्टलिस्ट करने में जुटी हैं l महाशय जी हाथ में कागज और कान पर कलम टिकाये मैडम जी की हर योजना के फूलप्रूफ क्रियान्वयन के लिए तत्पर खड़े हैं l ऐसी मेहमाननवाजी का उनका दीर्घकालिक तजुर्बा है l बच्चों के मामाजी टाइप जब कोई आता है तब वह कुछ अधिक सतर्क हो जाते हैं l
मेहमान जी घोड़े तांगे ,रिक्शा या ऑटो में बैठकर नहीं आ रहे हैं lवह अपनी निजी मोटरगाड़ी में सवार होकर आ रहे हैं lमोटर गाड़ी भी कोई ऐसी वैसी टमटम सरीखी नहीं , अत्याधुनिक ऐशोआराम और साजोसामान से लदीफदी गाड़ी l जो ‘पों –पों’ करती हिचकोले लेकर नहीं चलती ,हवा की गति से भी तेज स्पीड से फर्राटा भरती है l
पड़ोसी एक दूसरे से पूछ रहे हैं ,बामा जी आ रहे हैं या बच्चों के मामाजी ? बच्चों को बामा या मामा का फर्क नहीं पता , उनकी सहज जिज्ञासा तो सिर्फ यह है कि मामाजी आएंगे तो क्या वह अपने साथ रिमोटचालित जहाँ - तहां ताकाझांकी करने वाला और किसी के भी सिर पर बम गिरा देने वाला ड्रोन भी ले कर आयेंगे lयदि वे इसे ले आये तो लाइफ बन जायेगी ! दुनियाभर के बच्चों की जिंदगी इसी तरह बनती और बिगड़ती रहती है l
बच्चों ने जबसे मामाजी के हवाई जहाज और मोटर गाड़ी की अंदर की तस्वीरें देखी हैं तब से उनकी उत्सुकता इस बात को लेकर है कि क्या मामाजी इनमें से एकाध सामान यहीं छोड़ जायेंगे जैसे वह पहले अपनी आधी बची टूथपेस्ट की टयूब ,मखमली जिल्द वाली स्लीपर , दिव्य गंध वाला आफ्टरशेव और डियो छोड़ गए थे l वह उन्हें छोड़ गए थे या भूल गए थे ,यह ठीक से पता नहीं हालाँकि मैडम जी का कहना है कि लल्लू बड़ा भुलक्कड़ है l महाशय जी का मानना था कि वह इन्हें सप्रेम दे गयें हैं –उपहार स्वरुप l बच्चों के मन में कौतुहल है कि वह इस बार यहाँ क्या -क्या चीज छोड़ कर जाते हैं l हो सकता है कि वह यहाँ अपने खोजी कुत्ते छोड़ जाएँ या जनसंख्या घटाने के लिए इबोला ,बड़बोला या अबोला जैसी किसी बीमारी के पालतू जीवाणु l कुछ भी सम्भव हैl
मैडम जी के मन में उमंग और उत्साह की सुनामी आई हुई है l हमेशा की तरह महाशय जी उनकी हर खुशी में उनके साथ हैं lदोनों को वाकई नहीं मालूम कि वास्तव में बच्चों के मामाजी आ रहे हैं या सारी दुनिया के (ओ)बामा जी l वह उनके घर आने की जहमत उठा रहे हैं , उनके लिए यही काफी है l
@नई दुनिया में प्रकाशित 

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