संदेश

होली का आना जाना और मनाना ,,,,

यह भक्ति है, सब जानते हैं

गुल्लक और मेज की बजटीय समझदारी

अयन प्रकाशन से प्रकाशित मेरा व्यंग्य संकलन

एप्प आया बहार आई

आप (की) होली तो शुरू होली

उनका असाधारण अवकाश पर जाना

आप और दूर की कौड़ी

झाड़ू फिर गई

जीरो ऑवर में अटकी दिल्ली

हैंगर पर टंगा एंगर