वह आ गए हैं


वह आ गए हैं यदि पुराना समय होता तो राजमहल के दमकते फर्श पर सच्चे शफ्फाक  मोती फुदक रहे होते मध्यकाल में जब हिज हाईनेस अकबर को दासी ने राजकुंवर के आगमन की  खबर दी थी तो उन्होंने खुश होकर अपने गले में पहनी मोतियों की बेशकीमती माला तोड़ कर उसकी झोली में डाल दी थी तब कुछ मोती फर्श पर जा गिरे थे और देर तक क्रेजी बाॅल की तरह उछलते हुए ऐतिहासिक गल्प का हिस्सा बन गए थे  राजसी फिजूलखर्ची का यह किस्सा आज तक खूब मजे लेकर सुना और सुनाया जाता है वह आये हैं तो आसमान में बेमौसम बादल आ गए हैं ढोल नगाड़े वालों ने आने में देर की तो बादल खुदबखुद गड़ागड़ा उठे बधाइयाँ गाने की तैयारी चल रही है बधाई गान की स्क्रिप्ट आलाकमान के अप्रूवल के लिए भेजी गई है इस बार हर काम बड़े करीने से किया जाना तय हुआ है वह सत्य से साक्षात्कार करके आये हैं अब पार्टी के भीतर -बाहर जो  घटित होगा सच के आलोक में देख -परख के होगा इस बार कोई चूक न हो ,इसका पूरा ख्याल रखा जायेगा पार्टी के कारिंदों से कह दिया गया है कि वे इतनी तालियाँ बजाएं कि उनके हथेली लाल सुर्ख हो जाये ताकि जनता को पता लगे कि हाथ वाले अपना काम किस कदर मुस्तैदी से कर रहे हैं
वह आये हैं तो आवाम को यह पता लगना चाहिए कि उनके आने में कुछ खास है उनकी वापसी एक असाधारण परिघटना है उनकी घर  वापसी को ढंग से सेलिब्रेट किया जाना चाहिए वह पूर्णत; रूपांतरित होकर लौटे हैं l   वह ठीक उसी तरह बदल गए हैं जैसे कभी कलिंग के युद्ध  के बाद सम्राट अशोक  परिवर्तित होकर महान अशोक बने  थे
उनके आने की कन्फर्म खबर मिलने के बाद पूरे मुल्क  को ऐसा लग रहा है कि पुराने ज़माने में मेलों में लगने वाले मूविंग थियेटर में जनता की भारी मांग पर सैमसन और डिलालाइला या हरक्यूलिस या उसी टाइप की  किसी पिक्क्चर का प्रदर्शन शुरू हो गया  हो जैसे कोलम्बस इण्डिया की  खोज कर अपने मुल्क लौट आया हो जैसे अलादीन का खोया हुआ चिराग एंटीक सामान बेचने वाली किसी दुकान की दुछत्ती पर रखा मिल गया हो

वह जहाज के किसी बोदे पक्षी की तरह वापस नहीं आये हैं वह सच्चे मोती की आब लेकर पूरे रौबदाब के साथ आये हैं l  

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जलीकट्टू और सिर पर उगे नुकीले सींग

भगत जी ,जगत जी और मस्तराम की पकौड़ी

शराफ़त नहीं है फिर भी....